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जन्मदिन की पार्टी में शराब परोसने के आरोप से उठे सवाल, आबकारी नियमों के पालन और CCTV जांच की मांग तेज

कांग्रेस जिला प्रवक्ता सौरभ मिश्रा के जन्मदिन के अवसर पर एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित समारोह को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कार्यक्रम में शराब परोसे जाने के आरोपों के बाद अब मुख्य सवाल केवल पार्टी के आयोजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शराब परोसने के लिए आवश्यक आबकारी अनुमति, निर्धारित नियमों और उनके पालन को लेकर भी उठने लगा है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि किसी निजी अथवा सार्वजनिक समारोह में शराब परोसी जाती है, तो उसके लिए आबकारी विभाग के नियमों के तहत आवश्यक अनुमति एवं निर्धारित शर्तों का पालन किया जाना होता है। ऐसे में अब यह स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है कि संबंधित समारोह के आयोजकों ने शराब परोसने के लिए नियमानुसार अनुमति ली थी या नहीं और यदि अनुमति ली गई थी, तो उसकी शर्तों का पालन किया गया अथवा नहीं।

रिपोर्टर: अमित श्रीवास्तव

लोकेशन: मनेन्द्रगढ़

Aug 17, 20264 min read255 views
जन्मदिन की पार्टी में शराब परोसने के आरोप से उठे सवाल, आबकारी नियमों के पालन और CCTV जांच की मांग तेज

विशेष रिपोर्ट - मनेंद्रगढ़।-17 अगस्त-कांग्रेस जिला प्रवक्ता सौरभ मिश्रा के जन्मदिन के अवसर पर एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित समारोह को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सूत्रों के अनुसार कार्यक्रम में शराब परोसे जाने के आरोपों के बाद अब मुख्य सवाल केवल पार्टी के आयोजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि शराब परोसने के लिए आवश्यक आबकारी अनुमति, निर्धारित नियमों और उनके पालन को लेकर भी उठने लगा है।

स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यदि किसी निजी अथवा सार्वजनिक समारोह में शराब परोसी जाती है, तो उसके लिए आबकारी विभाग के नियमों के तहत आवश्यक अनुमति एवं निर्धारित शर्तों का पालन किया जाना होता है। ऐसे में अब यह स्पष्ट किए जाने की मांग उठ रही है कि संबंधित समारोह के आयोजकों ने शराब परोसने के लिए नियमानुसार अनुमति ली थी या नहीं और यदि अनुमति ली गई थी, तो उसकी शर्तों का पालन किया गया अथवा नहीं।

अनुमति और आबकारी नियमों पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि जन्मदिन समारोह में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान शराब परोसे जाने की चर्चाओं के बीच अब स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि किसी भी पार्टी या समारोह में शराब परोसना केवल निजी आयोजन होने के कारण नियमों से बाहर नहीं हो जाता। इसके लिए आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित अनुमति, शुल्क, समय-सीमा तथा अन्य शर्तों का पालन आवश्यक होता है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि समारोह के आयोजकों के पास शराब परोसने की वैध अनुमति थी या नहीं।

CCTV फुटेज की जांच से सामने आ सकती है वास्तविक स्थिति

विवाद बढ़ने के बाद अब रिसॉर्ट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच की मांग भी तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयोजन स्थल के प्रवेश द्वार, पार्टी स्थल तथा अन्य स्थानों के CCTV फुटेज की जांच से यह पता लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम में कितने लोग मौजूद थे और वहां वास्तव में क्या गतिविधियां हुईं।

मांग उठाई जा रही है कि संबंधित अवधि की CCTV फुटेज सुरक्षित कराकर प्रशासन एवं आबकारी विभाग द्वारा निष्पक्ष जांच की जाए। हालांकि, फुटेज में क्या सामने आता है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

देर रात तक कार्यक्रम चलने की भी चर्चा

स्थानीय सूत्रों के अनुसार समारोह देर रात तक चला और तेज संगीत के साथ पार्टी आयोजित होने की बात सामने आई है। ऐसे में आयोजन के समय, ध्वनि संबंधी नियमों तथा अन्य प्रशासनिक प्रावधानों के पालन की भी जांच की मांग की जा रही है।

यदि निर्धारित समय अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो संबंधित विभाग द्वारा तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।

सौरभ मिश्रा ने टिप्पणी से किया इनकार

पूरे मामले को लेकर कांग्रेस जिला प्रवक्ता सौरभ मिश्रा से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। आरोपों और विवाद के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उनका संक्षिप्त जवाब था कि “इस बारे में हम कुछ नहीं बोलेंगे।”

उनकी ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने नहीं आने के बाद मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

आबकारी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण

अब निगाहें आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन की संभावित जांच पर टिकी हैं। यदि समारोह में शराब परोसे जाने की पुष्टि होती है, तो यह भी जांच का विषय होगा कि उसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। अनुमति होने की स्थिति में उसके तहत निर्धारित शर्तों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी पड़ताल जरूरी मानी जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजनीतिक दलों से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों के आयोजनों में भी कानून और प्रशासनिक नियम समान रूप से लागू होने चाहिए। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि अफवाहों के बजाय तथ्यों के आधार पर तस्वीर सामने आ सके।

फिलहाल यह पूरा मामला आरोपों और दावों के स्तर पर है। शराब परोसने की अनुमति, आबकारी नियमों के पालन तथा किसी संभावित उल्लंघन की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच और उपलब्ध अभिलेखों/CCTV फुटेज के आधार पर ही हो सकेगी।

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