मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर निकली रैली, चिरमिरी में लोगों को किया जागरूक

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जिला चिकित्सालय में गोष्ठी का आयोजन, तनाव और अवसाद के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील; टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 से मिलेगी निःशुल्क सहायता

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

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मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश लेकर निकली रैली, चिरमिरी में लोगों को किया जागरूक

चिरमिरी (एमसीबी), 11 अक्टूबर 2026। मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक बीमारियों से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने और जरूरतमंदों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय चिरमिरी में जागरूकता रैली एवं गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रैली निकालकर आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।

इस वर्ष का आयोजन वैश्विक थीम “Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change” यानी अनुभवों को सुनें, वास्तविक आवाजें–वास्तविक बदलाव पर केंद्रित रहा। कार्यक्रम के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर चर्चा करने, मानसिक रोगों से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने तथा अंधविश्वास और भेदभाव को समाप्त करने का आह्वान किया गया।

मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना महत्वपूर्ण : डॉ. अविनाश खरे

कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन, सिविल सर्जन डॉ. अभय सिंह तोमर के नेतृत्व तथा जिला नोडल अधिकारी (एनएमएचपी) डॉ. नम्रता चक्रवर्ती के समन्वय में किया गया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) शिशिर जायसवाल एवं प्रभारी हॉस्पिटल मैनेजर वीरेन्द्र साव का भी विशेष सहयोग रहा।

इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है, लेकिन सामाजिक झिझक और संकोच के कारण कई लोग अपनी समस्याओं को खुलकर साझा नहीं कर पाते। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जिले के अंतिम छोर तक मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचें और तनाव, अवसाद या अन्य मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बिना किसी भय और भेदभाव के उपचार मिल सके।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक उदासी, घबराहट या तनाव महसूस हो, तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। समय पर पहचान और उचित उपचार से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का प्रभावी प्रबंधन संभव है।

मानसिक रोगियों के अनुभवों को सुनना जरूरी : डॉ. नम्रता चक्रवर्ती

जिला नोडल अधिकारी (एनएमएचपी) डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने कहा कि इस वर्ष की थीम मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से गुजर चुके लोगों के अनुभवों को सुनने और उन्हें सम्मान देने पर जोर देती है। मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति भेदभाव और उपेक्षा समाप्त करना समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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उन्होंने कहा कि समाज में संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करके ही वास्तविक बदलाव लाया जा सकता है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने से व्यक्ति को बेहतर जीवन जीने में मदद मिल सकती है।

रैली में के.बी. पटेल नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं, जिला चिकित्सालय के नर्सिंग स्टाफ और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने नारों और तख्तियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने तथा जरूरतमंदों को सहयोग देने का संदेश दिया।

मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आदतें

गोष्ठी में विशेषज्ञों ने मानसिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के लिए दैनिक जीवन में कुछ उपयोगी आदतें अपनाने की सलाह दी।

  • नियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद: प्रतिदिन निश्चित समय पर सोने-जागने और पर्याप्त नींद लेने की आदत डालें।

  • योग और व्यायाम: नियमित शारीरिक गतिविधियों, योग और सुबह की सैर को दिनचर्या में शामिल करें।

  • अपनों से साझा करें मन की बात: अकेलेपन से बचें और परिवार, मित्रों या भरोसेमंद लोगों से अपनी भावनाएं साझा करें।

  • लक्षणों को न करें नजरअंदाज: लंबे समय तक उदासी, अत्यधिक चिंता, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन या दैनिक गतिविधियों में रुचि कम होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।

घर बैठे मिलेगी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता, हेल्पलाइन नंबर 14416 पर करें संपर्क

जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने बताया कि मानसिक तनाव, अवसाद, परीक्षा या नौकरी से जुड़ी चिंता सहित मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के दौरान सहायता लेना जरूरी है। इसके लिए सरकार की राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के माध्यम से निःशुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन के लिए टेली-मानस की आधिकारिक सेवाओं का भी लाभ लिया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सकीय सलाह लें।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने या कमजोरी समझने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करें और जरूरत पड़ने पर सहायता लें। समय पर मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

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