झगराखांड। नगर पंचायत झगराखांड के वार्ड क्रमांक 12 में निर्माणाधीन नाला हाल ही में हुई बारिश में ही लगभग आधा बह गया। निर्माण कार्य की पहली बारिश में ही ऐसी स्थिति सामने आने से नाले की गुणवत्ता, मजबूती और निर्माण में खर्च की गई शासकीय राशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
नगर पंचायत झगराखांड की नेता प्रतिपक्ष हेमलता कोमल कुमार ने नाला निर्माण की स्थिति को लेकर जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि वार्ड क्रमांक 9 से आने वाला पानी जिस दिशा में प्रवाहित हो रहा है, उसके विपरीत दिशा में वार्ड क्रमांक 12 में नाले का निर्माण किया जाना प्रथम दृष्टया गंभीर तकनीकी अनियमितता का संकेत प्रतीत होता है।
हेमलता कोमल कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर नाले का नक्शा और डिजाइन किसके द्वारा तैयार किया गया तथा किस अधिकारी ने इसे तकनीकी रूप से स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यदि नाले का निर्माण जल निकासी की वास्तविक दिशा और आवश्यकता के अनुरूप नहीं किया गया है, तो बारिश के दौरान निर्माण के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

गुणवत्ता से लेकर भुगतान तक जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने नाला निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी स्वीकृति, नक्शा-डिजाइन, निर्माण सामग्री, माप पुस्तिका एवं किए गए भुगतान सहित पूरे कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि घटिया निर्माण, तकनीकी लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि यदि शासकीय राशि का अनियमित उपयोग अथवा नुकसान प्रमाणित होता है, तो जिम्मेदार लोगों से राशि की वसूली सुनिश्चित की जाए, ताकि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और जवाबदेही बनी रहे।
नाला पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त होने के मामले में अब संबंधित निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
