मनेन्द्रगढ़ 12 अगस्त । स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में शहर में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के तरानों के बीच निकाली गई इस यात्रा ने पूरे शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
हालांकि, इस भव्य आयोजन के बीच शहर की बुनियादी सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई। तिरंगा यात्रा को सफल और ऐतिहासिक बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका की 'स्वच्छता दीदियों' को भी विशेष रूप से यात्रा में शामिल किया गया था। लेकिन इसका सीधा असर शहर के दैनिक सफाई कार्य पर देखने को मिला।
घरों से नहीं उठा कचरा, राहगीर हुए परेशान
स्वच्छता दीदियों के तिरंगा यात्रा में व्यस्त रहने के कारण शहर के अधिकांश वार्डों में सुबह का डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह ठप्प रहा। लोग सुबह से अपने घरों के बाहर कचरा गाड़ी का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर तक कचरा उठाने कोई नहीं पहुंचा। कई जगहों पर कचरे के ढेर लगे रहे, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
आयोजन सफल, पर स्वच्छता के दावे छूटे पीछे
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ जहाँ तिरंगा यात्रा देशभक्ति का संदेश देने के लिए निकाली गई, वहीं दूसरी तरफ शहर की मुख्य सफाई व्यवस्था को ठप्प करके 'स्वच्छता दीदियों' को भीड़ का हिस्सा बनाना कहीं न कहीं स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों पर सवाल खड़े करता है। लोगों का मानना है कि ऐसे बड़े आयोजनों में व्यवस्थाओं का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है ताकि राष्ट्रीय पर्व के उत्साह के साथ-साथ नागरिक सुविधाएं भी प्रभावित न हों।
