मनेंद्रगढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर ग्राम भलौर के सैकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार को चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने गांव में संचालित पोल्ट्री फार्म से होने वाली कथित दुर्गंध और उससे राहगीरों व स्थानीय निवासियों को हो रही परेशानियों को लेकर विरोध जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद पोल्ट्री फार्म के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
सरपंच धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में किया प्रदर्शन
ग्राम भलौर के सरपंच धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर पहुंचे और मार्ग पर चक्काजाम कर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने पोल्ट्री फार्म को बंद कराने तथा आवागमन में हो रही परेशानी का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। चक्काजाम के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित हुआ और वाहनों की कतार लगने की स्थिति निर्मित हो गई।
एसडीएम के सामने ग्रामीणों ने रखी शिकायत
ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे एसडीएम के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों का कहना था कि पोल्ट्री फार्म से आए दिन तेज और असहनीय दुर्गंध फैलती है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन पर मिलीभगत का गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और पोल्ट्री फार्म संचालक के बीच कथित मिलीभगत का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि कई वर्षों से समस्या बनी हुई है और बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कथित मिलीभगत के कारण पोल्ट्री फार्म संचालक को संरक्षण मिल रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पोल्ट्री फार्म बंद कराने की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की कि पोल्ट्री फार्म की जांच कराई जाए और यदि संचालन में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो उसे बंद कराया जाए। साथ ही दुर्गंध एवं प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। अधिकारियों द्वारा मामले की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
