📰 CGFILE — ब्रेकिंग न्यूज़ का आपका विश्वसनीय स्रोत

कृषि चेतना समागम 2026 में गूंजी एकता की आवाज, मैदानी चुनौतियों और लंबित मांगों पर हुआ मंथन

प्रांतीय अध्यक्ष लिखेश वर्मा के नेतृत्व में एमसीबी-कोरिया के कृषि अधिकारियों का संवाद, संगठन को मजबूत बनाने की बनी रणनीति

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

लोकेशन: —

Aug 23, 20263 min read49 views
कृषि चेतना समागम 2026 में गूंजी एकता की आवाज, मैदानी चुनौतियों और लंबित मांगों पर हुआ मंथन (1/2)
1 / 2

मनेन्द्रगढ़, 23 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष लिखेश वर्मा एवं प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्यों के दो दिवसीय सरगुजा संभाग प्रवास के तहत रविवार को जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में “कृषि चेतना समागम 2026” का आयोजन किया गया। अमृत सदन, जनपद पंचायत सभाकक्ष मनेन्द्रगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में एमसीबी एवं कोरिया जिले के कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रांतीय नेतृत्व और मैदानी स्तर पर कार्यरत कृषि अधिकारियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना, विभागीय एवं मैदानी समस्याओं को साझा करना, लंबित मांगों पर चर्चा करना तथा संगठन को अधिक सशक्त एवं एकजुट बनाने के लिए सामूहिक रणनीति तैयार करना रहा।

मैदानी चुनौतियों पर अधिकारियों ने रखी अपनी बात

समागम के दौरान कृषि अधिकारियों ने मैदानी स्तर पर कार्य करते समय सामने आने वाली विभिन्न व्यावहारिक एवं विभागीय समस्याओं, बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की उपलब्धता तथा कार्य निष्पादन से जुड़ी चुनौतियों को प्रांतीय नेतृत्व के समक्ष रखा।

प्रांतीय अध्यक्ष लिखेश वर्मा ने अधिकारियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर कार्यरत कृषि अधिकारी शासन की कृषि योजनाओं और किसानों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनके कार्य से जुड़ी समस्याओं और जायज मांगों को संगठन के माध्यम से उचित मंच तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना आवश्यक है।

लंबित मांगों और संवर्गीय हितों पर भी हुई विस्तृत चर्चा

कार्यक्रम में संघ की लंबित मांगों, संवर्गीय हितों तथा कृषि अधिकारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। प्रांतीय नेतृत्व ने संघ द्वारा अब तक किए गए प्रयासों और विभिन्न मांगों की प्रगति से उपस्थित सदस्यों को अवगत कराया।

साथ ही आगामी समय में लंबित मांगों को शासन स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने तथा उनके निराकरण के लिए संगठनात्मक स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।

“संगठन मजबूत होगा तो आवाज भी मजबूत होगी”

समागम में संगठन की सक्रियता, एकजुटता और अनुशासन को लेकर विशेष जोर दिया गया। प्रांतीय अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने अधिकारियों से आपसी समन्वय, निरंतर संवाद और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।

बैठक में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि संगठन की वास्तविक शक्ति उसके प्रत्येक सदस्य की सक्रिय भागीदारी और आपसी एकता में निहित है। उपस्थित कृषि अधिकारियों ने संवर्गीय हितों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

एमसीबी में प्रांतीय नेतृत्व का पहला बड़ा संवाद

जिला एमसीबी में प्रांतीय अध्यक्ष एवं प्रांतीय कार्यकारिणी का यह पहला महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम कृषि अधिकारियों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस आयोजन ने प्रांतीय नेतृत्व और मैदानी अधिकारियों के बीच संवाद की नई कड़ी स्थापित की।

कार्यक्रम में भविष्य में भी ऐसे संवाद कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि मैदानी स्तर की समस्याओं और संगठन से जुड़े विषयों पर समय-समय पर सीधे चर्चा की जा सके।

प्रांतीय पदाधिकारियों का किया आत्मीय स्वागत

कार्यक्रम के दौरान एमसीबी एवं कोरिया जिले के कृषि अधिकारियों ने प्रांतीय अध्यक्ष लिखेश वर्मा सहित प्रांतीय कार्यकारिणी के सभी सदस्यों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। आयोजन को लेकर अधिकारियों में उत्साह देखा गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए उपस्थित अधिकारियों ने आयोजक टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के प्रांतीय कार्यालयीन सचिव एवं जिलाध्यक्ष एमसीबी दीपक कुमार साहू ने दी।

यह लेख शेयर करें:

Twitter Facebook LinkedIn📱 WhatsApp

रिपोर्टर के बारे में

रिपोर्टर: सुरेंद्र मिनोचा

लोकेशन: —

सभी लेख देखें →