एमसीबी, 17 अक्टूबर 2026। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ के दिशा-निर्देशों के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) कार्यक्रम की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके अंतर्गत जिले के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 01 भरतपुर-सोनहत और विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 02 मनेंद्रगढ़ की मतदाता सूची को अद्यतन करने के साथ त्रुटिरहित बनाने की कार्रवाई की जाएगी। इस पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2027 को अर्हता तिथि निर्धारित किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं, मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र नागरिकों तथा अन्य योग्य व्यक्तियों को मतदाता सूची में शामिल करना है। इसके साथ ही मतदाता सूची में दर्ज नाम, पते एवं अन्य प्रविष्टियों में आवश्यक सुधार कर सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने के अधिकार से वंचित न रहे।
12 नवंबर को जारी होगी प्रारूप मतदाता सूची, जानिए पूरा शेड्यूल
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत निर्वाचन आयोग ने विभिन्न गतिविधियों के लिए समय-सीमा निर्धारित की है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण 2 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। प्रारूप सूची जारी होते ही नागरिक अपने नाम और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे तथा आवश्यकतानुसार दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे।
पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
2 नवंबर 2026 तक: मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण।
12 नवंबर 2026: प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन।
12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक: दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि।
28 दिसंबर 2026 तक: प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निराकरण।
4 जनवरी 2027: अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
निर्धारित समय-सीमा में आवेदन करने से नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, दर्ज विवरणों में सुधार कराने तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने का अवसर मिलेगा।
18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं के लिए भी सुनहरा अवसर
मतदाता बनने की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं के लिए यह पुनरीक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, जो युवा 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा वर्ष 2027 में आगामी अर्हता तिथियों 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी अग्रिम आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में समय रहते शामिल होने का अवसर मिलेगा।
नाम जोड़ने से लेकर सुधार तक, किस काम के लिए कौन-सा फॉर्म?
मतदाता सूची में पंजीकरण और संशोधन के लिए निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग फॉर्म निर्धारित किए हैं। नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार संबंधित फॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।
फॉर्म-6: मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए।
फॉर्म-6A: विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिकों के मतदाता पंजीकरण के लिए।
फॉर्म-7: मतदाता सूची से नाम हटाने अथवा निर्धारित आधारों पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए।
फॉर्म-8: निवास स्थान बदलने, मतदाता सूची में दर्ज विवरणों में सुधार कराने तथा ईपिक (EPIC) कार्ड से संबंधित निर्धारित सेवाओं के लिए।
घर बैठे ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
मतदाता पंजीकरण और सूची में संशोधन के लिए नागरिकों को केवल कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। वे घर बैठे भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक वोटर सर्विस पोर्टल https://voters.eci.gov.in अथवा ECINET ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाकर पात्र नागरिक नया पंजीकरण कराने, अपने विवरणों में आवश्यक सुधार करने और मतदाता सूची से संबंधित सेवाओं के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी की अपील,समय रहते जांचें अपना नाम
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने पात्र नागरिकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने और मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज होने की स्थिति की जांच अवश्य करने का आग्रह किया है।
मतदाता सूची का अद्यतन होना निष्पक्ष एवं सुव्यवस्थित निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में नागरिकों की जागरूकता और सहभागिता से सूची में संभावित त्रुटियों को दूर करने तथा पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। जिले के नागरिकों के लिए यह जरूरी है कि वे प्रारूप सूची के प्रकाशन के बाद अपने नाम और विवरणों की जांच करें तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर समय रहते दावा या आपत्ति प्रस्तुत करें।
